नीति और योजनाएं
दिल्ली के 100 स्कूलों में पढ़ाई के साथ लागू होगा ‘टू क्लब सिस्टम’, जानिए क्या है ये
दिल्ली सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से राजधानी के 100 सरकारी स्कूलों में ‘टू क्लब सिस्टम’ लागू करने का फैसला लिया है। इस बदलाव का उद्देश्य कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों की को-करीकुलर (संपूरक) और स्किल आधारित गतिविधियां बढ़ाना है।
क्या है ‘टू क्लब सिस्टम’?
- प्रत्येक स्कूल को केवल दो क्लब प्रारंभ करने होंगे:
- एक क्लब भाषाओं के लिए: इसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू या पंजाबी जैसी भाषाएं शामिल होंगी।
- दूसरा क्लब गतिविधियों के लिए: जिसमें साइंस, गणित, खेल, योग, विज़ुअल आर्ट, परफॉर्मिंग आर्ट (संगीत और नृत्य), स्टूडेंट काउंसिल आदि में से कोई एक होगा।
- हर छात्र के लिए किसी एक क्लब में भागीदारी अनिवार्य होगी। इससे वे अपनी रुचि व हुनर को और निखार सकेंगे।
- क्लब्स के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई रोचक भी होगी और उनकी रचनात्मकता, नेतृत्व व टीमवर्क जैसी क्षमताएं भी विकसित होंगी। पुराने नियम के मुताबिक पहले स्कूलों में 12 तक क्लब थे, लेकिन अब उन्हें घटाकर केवल दो किया गया है—एक भाषा क्लब और एक एक्टिविटी क्लब।
मुख्य बातें
- हर छात्र को किसी एक क्लब का सदस्य बनना जरूरी है।
- स्कूलों की मौजूदा सभी को-करीकुलर और स्पोर्ट्स गतिविधियों को इन दो क्लब सिस्टम में समाहित किया जाएगा।
- भारत सरकार द्वारा क्लब के संचालन के लिए स्कूलों को अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे सभी गतिविधियों का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।
उद्देश्य
- छात्रों की संपूर्ण चरित्र एवं कौशल विकास।
- टीम वर्क, नेतृत्व, रचनात्मकता जैसी क्षमताओं का विस्तार।
- पढ़ाई को बोझिल होने की जगह बच्चों में उत्सुकता बनाए रखना।
यह बदलाव दिल्ली सरकार की शिक्षा क्षेत्र में समग्र, हुनर-केंद्रित और रुचि-आधारित शिक्षण की नीति का हिस्सा है। इससे सरकारी स्कूलों के छात्र अकादमिक और सह-पाठ्यचर्या, दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ सकेंगे।
नीति और योजनाएं
यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की, इस संस्थान में दाखिला न लें
यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है, खासकर राजस्थान के अलवर में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को फर्जी घोषित किया गया है। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जरूर जांचें, क्योंकि इनसे मिली डिग्रियां नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अमान्य होंगी।
फर्जी संस्थान की जानकारी
राजस्थान के अलवर स्थित यह संस्थान यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) और 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। फरवरी 2026 में भी इस पर नोटिस जारी हो चुका था, और अब मार्च 2026 में दोबारा चेतावनी दी गई है।
अन्य फर्जी विश्वविद्यालय
देशभर में 32 से अधिक फर्जी विश्वविद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली में सबसे ज्यादा (12), यूपी में 4, और महाराष्ट्र में नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ शामिल है। कर्नाटक, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में भी नए फर्जी संस्थान सामने आए हैं।
जांच कैसे करें
- यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची देखें।
- दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता की पुष्टि करें, ताकि समय, पैसा और करियर बर्बाद न हो।
करियर गाइडेंस
NTPC में Artisan Trainee पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन का तरीका
एनटीपीसी ने आर्टिसन ट्रेनी (Artisan Trainee) पदों पर भर्ती शुरू की है, जिसमें कुल 27 रिक्तियां हैं। आवेदन 16 मार्च 2026 से खुले हैं और 11 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
योग्यता
- शैक्षिक योग्यता: मैट्रिक (10वीं) पास और संबंधित ट्रेड में आईटीआई।
- ट्रेड्स: फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक/इलेक्ट्रॉनिक्स, मटेरियल स्टोर कीपर।
- आयु सीमा: 18-40 वर्ष।
- लोकेशन: मुख्य रूप से NTPC कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन।
आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाएं।
- ‘Careers’ सेक्शन में Artisan Trainee लिंक चुनें, रजिस्टर करें और फॉर्म भरें।
- कोई आवेदन शुल्क नहीं; दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
चयन प्रक्रिया
चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के आधार पर होगा, जो जून 2026 में संभावित है। आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड कर विस्तृत जानकारी लें।
नीति और योजनाएं
गूगल-अमेजन समेत टॉप-5 टेक कंपनियां फ्री करवा रहीं AI की पढ़ाई
टॉप टेक कंपनियां जैसे गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट आदि AI की फ्री ट्रेनिंग दे रही हैं, जो शुरुआती से एडवांस्ड लेवल तक उपलब्ध हैं। ये कोर्स सर्टिफिकेट के साथ आते हैं और करियर ग्रोथ में मददगार साबित हो सकते हैं।
गूगल
गूगल का ‘ग्रो विद गूगल’ प्रोग्राम जनरेटिव AI और वर्कप्लेस में AI यूज पर फोकस करता है। बिगिनर्स के लिए आइडियल, लिंक: grow.google/ai।
माइक्रोसॉफ्ट
माइक्रोसॉफ्ट लर्न पर AI, मशीन लर्निंग और क्लाउड AI कोर्स उपलब्ध हैं। कोई प्रोग्रामिंग बैकग्राउंड जरूरी नहीं। लिंक: learn.microsoft.com/training।
अमेजन (AWS)
AWS स्किल बिल्डर पर AI-ML कोर्स क्लाउड एनवायरनमेंट में डेवलपमेंट सिखाते हैं। जेनरेटिव AI स्कॉलरशिप भी मिल सकती है। लिंक: skillbuilder.aws।
अन्य कंपनियां
निविया, ओपनAI और IBM जैसे प्लेटफॉर्म्स भी फ्री AI मॉड्यूल्स ऑफर करते हैं, जैसे DeepLearning.AI के फंडामेंटल्स। ये कोर्सेस 2026 में अपडेटेड हैं।
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