Connect with us

करंट अफेयर्स

BPSSC रेंज ऑफिसर फॉरेस्ट भर्ती 2025: 24 पदों के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 1 जून

Published

on

बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में रेंज ऑफिसर ऑफ फॉरेस्ट के 24 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी 1 मई 2025 से 1 जून 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

  • अधिसूचना जारी: 29 अप्रैल 2025
  • आवेदन आरंभ: 1 मई 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 1 जून 2025
  • शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 1 जून 2025
  • परीक्षा तिथि: 23 जून 2025 (निर्धारित)

वैकेंसी डिटेल्स

  • कुल पद: 24
  • श्रेणीवार वितरण:
    • अनारक्षित (UR): 2
    • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 1
    • अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): 3
    • पिछड़ा वर्ग (BC): 7
    • अनुसूचित जाति (SC): 10
    • अनुसूचित जनजाति (ST): 1
image credit : https://www.freejobalert.com

पात्रता मानदंड

  • शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से निम्न में से किसी एक विषय में स्नातक डिग्री – पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन, भूविज्ञान, गणित, भौतिकी, जैव प्रौद्योगिकी, प्राणी विज्ञान, कृषि, वानिकी या इंजीनियरिंग।
  • आयु सीमा (1 जनवरी 2025 के अनुसार):
    • सामान्य (पुरुष): 21-37 वर्ष
    • सामान्य (महिला), BC/EBC: 21-40 वर्ष
    • SC/ST: 21-42 वर्ष (सरकारी नियमानुसार छूट लागू)।

चयन प्रक्रिया

  • लिखित परीक्षा (ऑब्जेक्टिव टाइप, 100 प्रश्न, 100 अंक, 2 घंटे)
  • साक्षात्कार
  • शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
  • मेडिकल परीक्षण

आवेदन प्रक्रिया

  • BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट (bpssc.bihar.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें
  • सभी जरूरी दस्तावेज (फोटो, हस्ताक्षर, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आधार आदि) अपलोड करें
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें और फॉर्म का प्रिंट सुरक्षित रखें

वेतनमान

  • चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-6 (₹35,400 – ₹1,12,400) वेतनमान मिलेगा।

इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि से पहले आवेदन करें और विस्तृत जानकारी के लिए BPSSC की आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें।

Continue Reading
Advertisement Rajju Bhaiya Sainik Vidya Mandir
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

करंट अफेयर्स

आइए जानते हैं ,भारत का पहला बजट कब और किसने पेश किया था?

Published

on

भारत का पहला स्वतंत्र केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।

ब्रिटिश काल का पहला बजट

भारत में आधुनिक बजट की शुरुआत 1860 में हुई, जब जेम्स विल्सन ने लंदन में ब्रिटिश संसद के समक्ष इसे प्रस्तुत किया। यह 1857 के विद्रोह के नुकसानों की भरपाई के लिए था।

स्वतंत्र भारत का पहला पूर्ण बजट

26 नवंबर 1947 का बजट अंतरिम था, जबकि लोकतांत्रिक भारत का पहला पूर्ण बजट 28 फरवरी 1950 को जॉन मथाई ने पेश किया।

Advertisement
Rajju Bhaiya Sainik Vidya Mandir

शाम को पेश होने की परंपरा

आजादी के बाद 1999 तक बजट शाम 5 बजे पेश होता था, जो ब्रिटिश समय के अनुसार इंग्लैंड में सुबह होने के कारण था। 1999 में यशवंत सिन्हा ने पहली बार सुबह 11 बजे इसे प्रस्तुत किया

Continue Reading

करंट अफेयर्स

आइए जानते हैं कि भारत के किस शहर को कहा जाता है ‘इत्र की राजधानी’

Published

on

भारत का शहर कन्नौज (उत्तर प्रदेश) ‘इत्र की राजधानी’ के नाम से जाना जाता है।
यह शहर प्राकृतिक फूलों से बने पारंपरिक अत्तर के उत्पादन के लिए सदियों से प्रसिद्ध है।

विशेषताएं

  • कन्नौज में 200+ इत्र भट्टियाँ हैं, जो गुलाब, चमेली आदि से इत्र बनाती हैं।
  • कन्नौज अत्तर को GI टैग मिला है, जो इसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है

बनाने की प्रक्रिया

  • सामग्री: ताजे फूल (गुलाब, चमेली, बेला आदि) 50-60 किलो, चंदन का तेल (बेस ऑयल) और पानी।
  • चरण: तांबे के बड़े बर्तन (डेग) में फूल डालें, पानी मिलाकर चिकनी मिट्टी से सील बंद करें। धीमी आंच लगाएं ताकि भाप बने।
  • भाप को चोंगा (बांस/तांबे की नली) से ठंडे पानी वाली नांद में रखे भभका (रिसीवर) में भेजें, जहाँ संघनन होकर सुगंधित तेल अलग हो।

समय और पैकिंग

प्रक्रिया में 8-12 घंटे लगते हैं (मिट्टी इत्र में 2-3 दिन)। इत्र को छानकर कांच/पीतल की बोतलों में भरते हैं। यह पूरी तरह प्राकृतिक और बिना केमिकल का होता है।

Continue Reading

करंट अफेयर्स

जानिए कैसा है भारत का पहला AI आंगनवाड़ी? ऐसे होती है डिजिटल पढ़ाई

Published

on

भारत का पहला AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित आंगनवाड़ी महाराष्ट्र के नागपुर जिले के हिंगना तहसील के वडधामना गांव में खुला है। इसे ‘मिशन बाल भरारी’ पहल के तहत नागपुर जिला परिषद द्वारा शुरू किया गया है। इस AI आंगनवाड़ी को हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्घाटित किया। यह देश में ग्रामीण डिजिटल शिक्षा में एक बड़ा परिवर्तन लाने की कोशिश है।

यहां के बच्चों की पढ़ाई अब पारंपरिक चॉक-स्लेट की बजाय पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है – कक्षा में स्मार्टबोर्ड, वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। बच्चे AI-सक्षम स्मार्टबोर्ड के जरिए रंग-बिरंगे, इंटरेक्टिव कंटेंट के साथ गिनती, वर्णमाला, रंग और कहानियां सीखते हैं। शिक्षक बच्चों की प्रगति को ट्रैक करने के लिए AI-सिस्टम की मदद लेते हैं, जिससे हर बच्चे की व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार सामग्री और गतिविधियां मिलती हैं। यह केंद्र बच्चों में डिजिटल लर्निंग की आदत शुरू से ही डाल रहा है, जिससे उनका स्किल बेस भविष्य के लिए मजबूत बनता है।

यह AI आंगनवाड़ी सुविधाओं के मामले में प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रही है — यहां बच्चों का नामांकन दोगुना हो गया है और डिजिटल गैप तेजी से कम हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई अब आधुनिक, रंगीन और टेक्नोलॉजी से लैस माहौल में चल रही है, जो ग्रामीण शिक्षा की गुणवत्ता और आकर्षण दोनों को एक नई ऊंचाई देता है।

संक्षिप्त में:

  • अब चॉक-स्लेट की जगह स्मार्टबोर्ड व डिजिटल टूल्स।
  • VR हेडसेट, AI-आधारित प्रगति ट्रैकिंग, रंगीन व इंटरेक्टिव कंटेंट।
  • बच्चों की उपस्थिति व नामांकन में भारी वृद्धि।
  • डिजिटल लर्निंग गांवों तक पहुंची, जिससे शिक्षा और ज्यादा रोचक व प्रभावशाली हुई है।
Continue Reading
Advertisement Rajju Bhaiya Sainik Vidya Mandir

Trending