ब्रेकिंग न्यूज़
आईआईटी कानपुर में जल संरक्षण पर महत्वपूर्ण सेमिनार, पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने ‘जल विश्वविद्यालय’ की जताई आवश्यकता’
-हर स्कूल में पानी की पाठशाला अनिवार्य करने और युवा पीढ़ी को पारंपरिक जल संरक्षण की शिक्षा देने पर जोर
कानपुर। प्रदूषित हवा, दूषित जल और बदलती जलवायु को लेकर आईआईटी कानपुर में आयोजित सेमिनार में जल संरक्षण के विषय पर गहन चर्चा हुई। इस सेमिनार के मुख्य वक्ता और पद्मश्री सम्मानित जल योद्धा उमाशंकर पांडे ने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए देश में ‘जल विश्वविद्यालय’ का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

उमाशंकर पांडे ने बताया कि बुंदेलखंड और कानपुर जिला, दिल्ली मुजफ्फरनगर शामली झांसी में वे ‘जल शक्ति विद्यापीठ’ के माध्यम से बगैर सरकारी मदद के समुदाय आधारित पानी की पाठशालाएं चला रहे हैं। इस मॉडल से बच्चों को पारंपरिक और प्रभावी जल संरक्षण की तकनीकें सिखाई जाती हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में सप्ताह में कम-से-कम एक दिन पानी की पाठशाला आयोजित होनी चाहिए ताकि युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों द्वारा अपनाई गई जल संरक्षण और पानी पर खेती की प्राचीन विधियों के बारे में जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा, “जल संकट तेजी से बढ़ रहा है। यदि हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना चाहते हैं, तो पेड़ और जल संरक्षण की शिक्षा समाज के हर स्तर तक पहुंचाना होगी। हमें अपने पूर्वजों के जल संचयन के ज्ञान को पुनर्जीवित करना होगा।”

सेमिनार का आयोजन स्वीडन के गोथनबर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत पाठक ने किया, जबकि आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर देवी प्रसाद मिश्रा ने स्थानीय संयोजन की जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के एकीकरण विभाग के सचिव हीरालाल, आईआईटी के छात्र, शोधार्थी और समाज के आम लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।
सेमिनार में वक्ताओं ने जल संरक्षण के विविध उपायों पर चर्चा की और पर्यावरण प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उपस्थित लोगों ने भी जल संकट पर अपनी बातें रखीं और प्रश्न पूछे, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावी और संवादात्मक बना।
एडमिशन
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी 2026-27 के लिए एडमिशन शुरू; जानें आवेदन करने की प्रक्रिया
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) ने 2026-27 सत्र के लिए यूजी और पीजी कोर्सेज में एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो 12वीं पास और ग्रेजुएट छात्रों के लिए अच्छा अवसर है।
योग्यता मानदंड
यूजी कोर्सेज जैसे बीएससी (ऑनर्स), बीए, बीकॉम आदि के लिए 10+2 में कम से कम 45-50% अंक जरूरी हैं।
पीजी कोर्सेज जैसे एमए, एमएससी, एमकॉम आदि के लिए ग्रेजुएशन में 50-60% अंक चाहिए।
कुछ कोर्सेज में आरक्षण नीतियां लागू हैं।
आवेदन प्रक्रिया
आधिकारिक वेबसाइट www.amu.ac.in पर जाकर फॉर्म भरें, कोर्स चुनें, CUET/NCET/AMU टेस्ट मोड सिलेक्ट करें।
जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क (₹750-1050) जमा करें।
लास्ट डेट 15 मार्च 2026 तक हो सकती है।
प्रवेश परीक्षा
कई कोर्सेज जैसे बीएससी ऑनर्स (फिजिक्स, केमिस्ट्री आदि) के लिए एएमयू की अपनी एंट्रेंस परीक्षा होगी।
CUET, NEET, JEE जैसे नेशनल एग्जाम भी स्वीकार्य हैं।
परीक्षा तिथियां कोर्स के अनुसार अलग-अलग, वेबसाइट चेक करें।
ब्रेकिंग न्यूज़
UGC ने देश भर के 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की नई सूची की जारी, कहीं आप तो नहीं ले रहे एडमिशन
UGC ने फरवरी 2026 में देश भर के 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की नई सूची जारी की है। इनसे प्राप्त डिग्री नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए मान्य नहीं मानी जाएगी।
राज्यवार फर्जी विश्वविद्यालय
UGC की आधिकारिक सूची में दिल्ली में सबसे अधिक 12-13 फर्जी संस्थान हैं, उसके बाद उत्तर प्रदेश में 4। अन्य राज्यों में आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल (2-2), हरियाणा, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश आदि शामिल हैं।
दिल्ली के प्रमुख फर्जी विश्वविद्यालय
- कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरिया गंज
- यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- वॉकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- ए.डी.आर.-सेन्ट्रिक जयूरिडिकल यूनिवर्सिटी, राजेंद्र प्लेस
- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी), रोहिणी
- वर्ल्ड पीस ऑफ़ यूनाइटेड नेशनस यूनिवर्सिटी, पीतमपुरा
उत्तर प्रदेश के फर्जी विश्वविद्यालय
- गांधी हिन्दी विद्यापीठ, प्रयागराज (इलाहाबाद)
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय (मुक्त विश्वविद्यालय), अलीगढ़
- भारतीय शिक्षा परिषद्, लखनऊ
- महामाया तकनीकी विश्वविद्यालय, नोएडा
सत्यापन कैसे करें
एडमिशन से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट www.ugc.gov.in पर जाकर संस्थान की मान्यता जांचें। फर्जी संस्थानों से बचें ताकि डिग्री अमान्य न हो।
करियर गाइडेंस
NASA समर इंटर्नशिप 2026 प्रोग्राम में छात्रों को मिलेगा स्पेस मिशन पर काम करने का शानदार मौका
NASA का समर इंटर्नशिप 2026 प्रोग्राम कॉलेज छात्रों को स्पेस मिशन, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और टेक्नोलॉजी पर काम करने का शानदार मौका देता है। यह पेड इंटर्नशिप है, जहां चुने गए छात्र वैज्ञानिकों व इंजीनियरों के साथ असली प्रोजेक्ट्स पर योगदान दे सकते हैं।
पात्रता मानदंड
- न्यूनतम उम्र 16 वर्ष और GPA कम से कम 3.0 होना जरूरी।
- STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) बैकग्राउंड वालों को प्राथमिकता, लेकिन अन्य क्षेत्रों के छात्र भी पैशन दिखाने पर अप्लाई कर सकते हैं।
- कॉलेज/यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे छात्र, रिसर्च या प्रोजेक्ट्स का अनुभव फायदेमंद।
आवेदन प्रक्रिया
- NASA की आधिकारिक वेबसाइट intern.nasa.gov पर रजिस्टर करें और ऑनलाइन फॉर्म भरें।
- पर्सनल स्टेटमेंट, एकेडमिक रिकॉर्ड, प्रोजेक्ट्स/अवार्ड्स और रिकमेंडेशन जमा करें।
- आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन; सिलेक्शन में स्किल्स, पैशन और सॉफ्ट स्किल्स पर जोर।
महत्वपूर्ण तिथियां
समर 2026 के लिए अंतिम तिथि 27 फरवरी 2026, रात 11:59 बजे ET (भारतीय समयानुसार 28 फरवरी सुबह)।
फायदे
- रियल स्पेस मिशन पर काम, मेंटरशिप और स्टाइपेंड।
- फुल-टाइम/पार्ट-टाइम विकल्प, करियर बूस्ट के लिए आइडियल।
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