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रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर: शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रधर्म का अनूठा समन्वय

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–    सैनिक की भूमि से समाज कल्याण का आरंभ

–    2016 में भूतपूर्व सैनिक चौधरी राजपाल सिंह ने अपनी 32 बीघा भूमि दान कर विद्यालय निर्माण का संकल्प लिया।

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खंडवाया (बुलंदशहर)। ग्राम खंडवाया (बुलंदशहर) की मिट्टी से उठी पहल आज राष्ट्रीय चेतना और सैन्य अनुशासन का प्रतीक बन चुकी है। रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर (RBSVM) सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मानव मूल्यों और राष्ट्रभक्ति का प्रेरक संस्थान बनकर अग्रसर है।

सैनिक परिवार की भूमि से समाज सेवा का संकल्प

भूतपूर्व सैनिक चौधरी राजपाल सिंह ने वर्ष 2016 में अपनी 32 बीघा भूमि शिक्षा के लिए दान कर दी। प्रारंभिक विचार कन्या विद्यालय का था, किंतु ग्रामसभा और समाज सेवियों की सहमति से इसे सैनिक विद्यालय का रूप दिया गया। इसके संचालन हेतु राजपाल सिंह जनकल्याण सेवा समिति का गठन हुआ और विद्यालय का नाम पूज्य रज्जू भैया की स्मृति में रखा गया।

 

भूमि पूजन से भव्य भवन तक का सफर

विद्यालय का शिलान्यास 24 अगस्त 2018 को अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।

पहला ब्लॉक 25 अक्टूबर 2020 को उद्घाटित हुआ और आज विद्यालय परिसर लगभग 40 बीघा में विस्तृत है।

 

शिक्षा के साथ संस्कार और पर्यावरण

विद्यालय का लक्ष्य है – शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और जागरूक नागरिक निर्माण। परिसर में कल्पवृक्ष एवं औषधीय-फलदार वृक्षों का रोपण किया गया है। विद्यार्थी अपने जन्मदिन पर पौधा लगाते हैं, जिससे उनमें पर्यावरण प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है।

 

अनुशासित शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएँ

विद्यालय पूरी तरह सीबीएसई मानक एवं विद्या भारती परंपरा पर आधारित है। आधुनिक कम्प्यूटर लैब, भौतिक-रसायन-जीव विज्ञान प्रयोगशालाएँ, भाषा प्रयोगशाला, स्मार्ट बोर्ड कक्षाएँ यहां उपलब्ध हैं।

छात्रावास व्यवस्था में लव-कुश, केशव, माधव, मधुकर और सुदर्शन सदन बनाए गए हैं, जिनमें House Masters छात्रों के अनुशासन और नेतृत्व का प्रशिक्षण देते हैं।

 

स्वास्थ्य, पोषण और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

भोजन ICMR मानकों पर आधारित शुद्ध शाकाहारी है। परिसर में वातानुकूलित चिकित्सालय भी बनाया गया है।

विद्यार्थियों के लिए सप्ताहांत सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरक सिनेमा और खेल गतिविधियाँ उनकी रचनात्मकता व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करती हैं।

 

उद्देश्य: भविष्य के सेनानी और आदर्श नागरिक

विद्यालय का स्पष्ट ध्येय है –

•    भारतीय सेनाओं के लिए अधिकारी निर्माण।

•    भारतीय संस्कार और मानव मूल्यों का संवर्धन।

•    प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

•    सहशैक्षिक गतिविधियों और नेतृत्व का विकास।

•    राष्ट्र चेतना और सामाजिक सेवा की भावना।

 

भविष्य की योजनाएँ

भविष्य में विद्यालय नक्षत्र वाटिका, नवग्रह वाटिका, सर्वधर्म वाटिका जैसी योजनाएँ विकसित करेगा। साथ ही NDA/CDS चयन केंद्र, विज्ञान पार्क, वर्चुअल लैब्स और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी।

 

सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान

यह विद्यालय सिर्फ शिक्षा का नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनरुत्थान का केंद्र बन रहा है। यहाँ का आदर्श है –

“अपने को जानो, समाज के लिए जियो।”

विद्यार्थी यहाँ से निकलकर सक्षम सेनानी, जिम्मेदार नागरिक और समाज के प्रेरक नेता बनें—यही रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर का लक्ष्य है।

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नोएडा लोक मंच (NLM ) इस साल करवाएगा चौथा ड्राइंग कॉम्पिटीशन

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नोएडा लोक मंच (NLM) की “चौथी इन्द्रधनुष चित्रकला प्रतियोगिता 2025”, जिसमें इस साल 3,000 से ज्यादा बच्चे भाग लेने वाले हैं।

क्या है यह कॉम्पिटीशन

  • यह नोएडा लोक मंच द्वारा आयोजित चौथी इन्द्रधनुष चित्रकला प्रतियोगिता है, जो पिछले तीन साल से लगातार हो रही है और नोएडा की सबसे बड़ी व समावेशी आर्ट प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है।
  • इस बार 120 से अधिक स्कूलों से 3000 से ज्यादा बच्चे इसमें हिस्सा लेंगे।​

कौन‑कौन भाग ले सकता है

  • प्रतियोगिता में निजी और सरकारी स्कूलों के बच्चे, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, स्लम क्षेत्र के बच्चे और घरेलू सहायिकाओं के बच्चे सभी को शामिल किया जाता है।
  • इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विविध पृष्ठभूमि के बच्चों को एक साथ मंच देना और कला के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना है।

कब और कहां होगी

  • चौथी इन्द्रधनुष 2025 प्रतियोगिता 29 नवंबर को आयोजित होगी।
  • स्थान: सेक्टर 33A, नोएडा हाट के पास स्थित शिवालिक चिल्ड्रन पार्क, जहां कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू होगा।

पुरस्कार और प्रोत्साहन

  • हर 30 बच्चों में कम से कम 1 बच्चे को पुरस्कार देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को प्रोत्साहन मिल सके।
  • कुल लगभग 300 पुरस्कार अलग‑अलग समूहों और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बच्चों को दिए जाएंगे।

खबर का मतलब आपके वाक्य से

आपके लिखे वाक्य “NLM इस साल करवाएगा चौथा ड्राइंग कॉम्पिटीशन, 3 हजार से ज्यादा बच्चे लेंगे हिस्सा” का सीधा संदर्भ यही है कि नोएडा लोक मंच इस साल चौथी इन्द्रधनुष ड्राइंग/चित्रकला प्रतियोगिता करा रहा है, जिसमें 3000+ बच्चों की भागीदारी तय है और इसका आयोजन 29 नवंबर 2025 को नोएडा में होगा।

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मुकुंद आगीवाल ने सीए फाइनल में मारी बाजी, आइए जानते हैं सफलता की कहानी

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मुकुंद आगीवाल, जो मध्य प्रदेश के धार जिले के छोटे से कस्बे धामनोद के रहने वाले हैं, ने सितंबर 2025 के ICAI CA फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में नाम रोशन किया है। उन्होंने कुल 600 में से 500 अंक (83.33%) प्राप्त किए, जो एक अद्भुत प्रदर्शन माना जाता है। मुकुंद का परिवार साधारण है; उनके पिता पवन आगीवाल एक छोटी सी स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं और उनकी मां गृहिणी हैं।

मुकुंद ने 10वीं क्लास में ही ठाना था कि वे CA बनेंगे, और उनके पिता का भी यही सपना था। घर की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। महामारी के दौरान उन्होंने घर से ही पढ़ाई की, बाद में इंदौर और पुणे में कोचिंग लेकर अध्ययन किया। मुकुंद का कहना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता, बस ईमानदारी और मेहनत करनी होती है, साथ ही खुद पर विश्वास जरूरी है।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और आत्मविश्वास को दिया है। मुकुंद के इस संघर्ष और सफलता की कहानी छोटे शहरों के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, यह दिखाती है कि समर्पण और मेहनत से कोई भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। मुकुंद ने आगे एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करने और बाद में अपने कस्बे में व्यापार शुरू करने की योजना बनाई है। उनकी कहानी सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्टता प्राप्ति का उदाहरण है.

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पतंजलि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह, राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों को दी उपाधियां

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पतंजलि विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह 2 नवंबर 2025 को हरिद्वार में आयोजित हुआ, जिसमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और 1424 छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं। इस मौके पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने विश्वविद्यालय के छात्रों को जॉब क्रिएटर बताया, यानी वे सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनने की प्रेरणा रखते हैं।

समारोह की मुख्य बातें

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में स्नातक, परास्नातक, पीएचडी और डी.लिट उपाधियां बांटी।
  • 54 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक दिए गए, जिनमें 64% पुरस्कार छात्राओं को मिले।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने बेटियों के योगदान की सराहना की और कहा कि अगर महिलाएं पीछे रहीं तो विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।
  • योगगुरु रामदेव ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, देश में नैतिक और आत्मनिर्भर नागरिकों का निर्माण करना है।
  • कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है और NAAC से ‘ए ग्रेड’ प्राप्त है।

प्रेरणादायी संदेश

  • राष्ट्रपति मुर्मू और स्वामी रामदेव दोनों ने छात्र-छात्राओं को समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने, योग-आध्यात्म और विज्ञान के साथ जीवन में उन्नति करने का संदेश दिया।
  • उन्होंने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय अपने वैदिक और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।
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