नीति और योजनाएं
दिल्ली की सरकारी स्कूल के टीचर आईआईटी से ट्रेनिंग लेंगे, इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें वेद और उपनिषद भी पढ़ाए जाएंगे
दिल्ली सरकार ने पहली बार अपने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भारत के प्राचीन ज्ञान—जैसे वेद, उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद, कला, योग, और संस्कृत—के अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए प्रमुख IIT संस्थानों में भेजने की योजना बनाई है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सितंबर 2025 से शुरू होगा, जिसमें पहले चरण में दिल्ली के 50 सरकारी स्कूल शिक्षकों का चयन करके उन्हें IIT-मंडी और IIT-गांधीनगर में 5-7 दिन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय परंपरागत ज्ञान प्रणालियों से परिचित कराना और आधुनिक शिक्षा तथा भारतीय सांस्कृतिक जड़ों के बीच संबंध मजबूत करना है। इसमें वेद-उपनिषद जैसे विषयों के साथ-साथ आयुर्वेद, योग, दर्शन और भारतीय विज्ञान के अन्य पहलुओं का अध्ययन शामिल होगा।
उत्तर प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में, हाल की एक खबर में बताया गया है कि यूपी के प्रत्येक जिले के 10-10 सरकारी प्राइमरी और उच्च प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को IIT कानपुर में डिजिटल साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और कोडिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि यूपी के संदर्भ में वेद-उपनिषद की पढ़ाई की कोई आधिकारिक योजना नहीं दिखती, बल्कि फोकस तकनीकी और डिजिटल स्किल्स पर है।
दिल्ली योजना के बारे में प्रमुख बिंदु:
- चयनित सरकारी स्कूल टीचर्स IIT-मंडी या IIT-गांधीनगर में पारंपरिक भारतीय ज्ञान जैसे वेद, उपनिषद, दर्शन (फिलॉसफी), संस्कृत, कला, विज्ञान आदि का संक्षिप्त पाठ्यक्रम करेंगे।
- उद्देश्य: शिक्षकों को भारतीय परंपरागत शिक्षा प्रणाली की गहराई और आधुनिक शिक्षा के बीच सामंजस्य सिखाना और विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
- यह परियोजना दिल्ली सरकार के स्कूलों में लागू होगी और फिलहाल दूसरे राज्यों की कोई पुष्टि नहीं है।
महत्वपूर्ण कानूनी-संवैधानिक बात यह है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 28 के तहत पूरी तरह सरकारी खर्च पर चलने वाले स्कूलों में धार्मिक शिक्षा देने पर रोक है, जब तक कि अभिभावकों या विद्यार्थियों की सहमति न हो। इसलिए प्रशिक्षण भारतीय ज्ञान परंपरा की सांस्कृतिक/शैक्षिक प्रस्तुति के तौर पर होगी, न कि धार्मिक शिक्षा के रूप में।
नीति और योजनाएं
यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की, इस संस्थान में दाखिला न लें
यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है, खासकर राजस्थान के अलवर में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को फर्जी घोषित किया गया है। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जरूर जांचें, क्योंकि इनसे मिली डिग्रियां नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अमान्य होंगी।
फर्जी संस्थान की जानकारी
राजस्थान के अलवर स्थित यह संस्थान यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) और 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। फरवरी 2026 में भी इस पर नोटिस जारी हो चुका था, और अब मार्च 2026 में दोबारा चेतावनी दी गई है।
अन्य फर्जी विश्वविद्यालय
देशभर में 32 से अधिक फर्जी विश्वविद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली में सबसे ज्यादा (12), यूपी में 4, और महाराष्ट्र में नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ शामिल है। कर्नाटक, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में भी नए फर्जी संस्थान सामने आए हैं।
जांच कैसे करें
- यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची देखें।
- दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता की पुष्टि करें, ताकि समय, पैसा और करियर बर्बाद न हो।
करियर गाइडेंस
NTPC में Artisan Trainee पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन का तरीका
एनटीपीसी ने आर्टिसन ट्रेनी (Artisan Trainee) पदों पर भर्ती शुरू की है, जिसमें कुल 27 रिक्तियां हैं। आवेदन 16 मार्च 2026 से खुले हैं और 11 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
योग्यता
- शैक्षिक योग्यता: मैट्रिक (10वीं) पास और संबंधित ट्रेड में आईटीआई।
- ट्रेड्स: फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक/इलेक्ट्रॉनिक्स, मटेरियल स्टोर कीपर।
- आयु सीमा: 18-40 वर्ष।
- लोकेशन: मुख्य रूप से NTPC कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन।
आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाएं।
- ‘Careers’ सेक्शन में Artisan Trainee लिंक चुनें, रजिस्टर करें और फॉर्म भरें।
- कोई आवेदन शुल्क नहीं; दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
चयन प्रक्रिया
चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के आधार पर होगा, जो जून 2026 में संभावित है। आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड कर विस्तृत जानकारी लें।
नीति और योजनाएं
गूगल-अमेजन समेत टॉप-5 टेक कंपनियां फ्री करवा रहीं AI की पढ़ाई
टॉप टेक कंपनियां जैसे गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट आदि AI की फ्री ट्रेनिंग दे रही हैं, जो शुरुआती से एडवांस्ड लेवल तक उपलब्ध हैं। ये कोर्स सर्टिफिकेट के साथ आते हैं और करियर ग्रोथ में मददगार साबित हो सकते हैं।
गूगल
गूगल का ‘ग्रो विद गूगल’ प्रोग्राम जनरेटिव AI और वर्कप्लेस में AI यूज पर फोकस करता है। बिगिनर्स के लिए आइडियल, लिंक: grow.google/ai।
माइक्रोसॉफ्ट
माइक्रोसॉफ्ट लर्न पर AI, मशीन लर्निंग और क्लाउड AI कोर्स उपलब्ध हैं। कोई प्रोग्रामिंग बैकग्राउंड जरूरी नहीं। लिंक: learn.microsoft.com/training।
अमेजन (AWS)
AWS स्किल बिल्डर पर AI-ML कोर्स क्लाउड एनवायरनमेंट में डेवलपमेंट सिखाते हैं। जेनरेटिव AI स्कॉलरशिप भी मिल सकती है। लिंक: skillbuilder.aws।
अन्य कंपनियां
निविया, ओपनAI और IBM जैसे प्लेटफॉर्म्स भी फ्री AI मॉड्यूल्स ऑफर करते हैं, जैसे DeepLearning.AI के फंडामेंटल्स। ये कोर्सेस 2026 में अपडेटेड हैं।
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