नीति और योजनाएं
गोरखपुर के दो विश्वविद्यालयों का इन्फ्लिबनेट के साथ बड़ा समझौता, डिजिटल एजुकेशन को मिलेगा बढ़ावा
गोरखपुर के दो विश्वविद्यालय—दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT)—ने इन्फ्लिबनेट (INFLIBNET) के साथ बड़ा करार किया है, जिसका लक्ष्य डिजिटल एजुकेशन और शोध संसाधनों को मजबूत करना है। यह समझौता 22 जुलाई 2025 को लखनऊ के राजभवन में माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में किया गया।
क्या है यह करार:
- इन्फ्लिबनेट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का स्वायत्त संगठन है, जो देशभर के विश्वविद्यालयों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित सुविधाएं, ई-रिसोर्सेस, डिजिटल लाइब्रेरी, रिसर्च डेटा मैनेजमेंट, और ई-कंटेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।
- इस समझौते के बाद दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र इन्फ्लिबनेट की डिजिटल व ऑनलाइन शैक्षिक व शोध सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे, जैसे:
- डिजिटल लाइब्रेरी सुविधाएं
- ई-शोध संसाधन और शिक्षण सामग्री
- रिसर्च डेटा का प्रबंधन
- शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक टूल्स
मूल लाभ:
- इन संस्थानों के पुस्तकालय संसाधनों का विस्तार और डिजिटलीकरण होगा।
- शोध, अध्ययन और शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी।
- डिजिटल इंडिया अभियान को बल मिलेगा।
- कर्मचारी, छात्र और शोधार्थी देश-विदेश से कहीं भी ऑनलाइन अध्ययन और शोध कर सकेंगे, जिससे शैक्षिक अवसरों में वृद्धि होगी।
विशेष पहल:
- डीडीयू विश्वविद्यालय में इन्फ्लिबनेट कॉर्नर स्थापित किया जाएगा, जिससे शोध की गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता, दोनों में सुधार होगा।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थितियां:
- कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अलावा दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति, इन्फ्लिबनेट की निदेशक डॉ. देविका मडाली, और संस्था के विशिष्ट अधिकारी उपस्थित थे।
नीति और योजनाएं
यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की, इस संस्थान में दाखिला न लें
यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है, खासकर राजस्थान के अलवर में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को फर्जी घोषित किया गया है। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जरूर जांचें, क्योंकि इनसे मिली डिग्रियां नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अमान्य होंगी।
फर्जी संस्थान की जानकारी
राजस्थान के अलवर स्थित यह संस्थान यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) और 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। फरवरी 2026 में भी इस पर नोटिस जारी हो चुका था, और अब मार्च 2026 में दोबारा चेतावनी दी गई है।
अन्य फर्जी विश्वविद्यालय
देशभर में 32 से अधिक फर्जी विश्वविद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली में सबसे ज्यादा (12), यूपी में 4, और महाराष्ट्र में नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ शामिल है। कर्नाटक, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में भी नए फर्जी संस्थान सामने आए हैं।
जांच कैसे करें
- यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची देखें।
- दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता की पुष्टि करें, ताकि समय, पैसा और करियर बर्बाद न हो।
करियर गाइडेंस
NTPC में Artisan Trainee पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन का तरीका
एनटीपीसी ने आर्टिसन ट्रेनी (Artisan Trainee) पदों पर भर्ती शुरू की है, जिसमें कुल 27 रिक्तियां हैं। आवेदन 16 मार्च 2026 से खुले हैं और 11 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
योग्यता
- शैक्षिक योग्यता: मैट्रिक (10वीं) पास और संबंधित ट्रेड में आईटीआई।
- ट्रेड्स: फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक/इलेक्ट्रॉनिक्स, मटेरियल स्टोर कीपर।
- आयु सीमा: 18-40 वर्ष।
- लोकेशन: मुख्य रूप से NTPC कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन।
आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाएं।
- ‘Careers’ सेक्शन में Artisan Trainee लिंक चुनें, रजिस्टर करें और फॉर्म भरें।
- कोई आवेदन शुल्क नहीं; दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
चयन प्रक्रिया
चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के आधार पर होगा, जो जून 2026 में संभावित है। आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड कर विस्तृत जानकारी लें।
नीति और योजनाएं
गूगल-अमेजन समेत टॉप-5 टेक कंपनियां फ्री करवा रहीं AI की पढ़ाई
टॉप टेक कंपनियां जैसे गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट आदि AI की फ्री ट्रेनिंग दे रही हैं, जो शुरुआती से एडवांस्ड लेवल तक उपलब्ध हैं। ये कोर्स सर्टिफिकेट के साथ आते हैं और करियर ग्रोथ में मददगार साबित हो सकते हैं।
गूगल
गूगल का ‘ग्रो विद गूगल’ प्रोग्राम जनरेटिव AI और वर्कप्लेस में AI यूज पर फोकस करता है। बिगिनर्स के लिए आइडियल, लिंक: grow.google/ai।
माइक्रोसॉफ्ट
माइक्रोसॉफ्ट लर्न पर AI, मशीन लर्निंग और क्लाउड AI कोर्स उपलब्ध हैं। कोई प्रोग्रामिंग बैकग्राउंड जरूरी नहीं। लिंक: learn.microsoft.com/training।
अमेजन (AWS)
AWS स्किल बिल्डर पर AI-ML कोर्स क्लाउड एनवायरनमेंट में डेवलपमेंट सिखाते हैं। जेनरेटिव AI स्कॉलरशिप भी मिल सकती है। लिंक: skillbuilder.aws।
अन्य कंपनियां
निविया, ओपनAI और IBM जैसे प्लेटफॉर्म्स भी फ्री AI मॉड्यूल्स ऑफर करते हैं, जैसे DeepLearning.AI के फंडामेंटल्स। ये कोर्सेस 2026 में अपडेटेड हैं।
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